डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के बहुचर्चित विचार ‘एजुकेट, एजिटेट, युनाइट’ में ‘एजुकेट’ का अर्थ ‘शिक्षा देना’ अथवा ‘शिक्षित करना’ है जिसे अक्सर ‘शिक्षित बनो’ के नारे के रूप में प्रसारित किया जाता रहा है| ‘एजुकेट’ अर्थात ‘शिक्षित करने’ में एक दायित्वबोध निहित है जिसे दलित, आदिवासी एवं वंचित समाज में से, महापुरुषों के त्याग और आन्दोलन की वजह से प्राप्त सुविधाओं का लाभ उठाकर सक्षम बने व्यक्तियों की, ‘समाज से लिया हुआ समाज को लौटने’ की भावना एवं और अपने महापुरुषों एवं अपने पिछड़े समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व बोध से परिपूर्ण प्रतिबद्धता से पूरा किया जा सकता है| डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर ने अपने पढ़े लिखे लोगों से, सदियों से पिछड़े वंचित-दमित-दलित समाज की शिक्षा हेतु अपनी आय का पांच प्रतिशत हिस्सा ऐसी व्यवस्था के निर्माण हेतु लौटने का आह्वान किया, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की पहुँच और अवसरों की समानता से देश, समाज को और अधिक सशक्त करने का भारतीय सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महामना ज्योतिबा फुले, भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले एवं इन वर्गों के लिए संस्थानों की शृंखला खड़ी कर देने वाले शाहूजी महाराज जैसे सभी महापुरुषों का समता-बंधुता युक्त सुखद समाज का महान स्वप्न पूर्ण किया जा सके|
बोधि फाउंडेशन की इस शैक्षणिक अवधारणा को सर्वप्रथम 2014 में; अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, सामाजिकत: पिछड़े वर्गों, घुमंतू समुदायों एवं महिलाओं आदि की गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर एवं महापुरुषों द्वारा प्रदत्त परिलाभों को प्राप्त कर सक्षम बने समाज के उत्तरदायित्वों के रूप में सोचा गया| डॉ. शिव बोधि द्वारा तैयार एवं प्रस्तुत इसी अवधारणा पर आधारित प्रारूप, डॉ बाबा साहेब आंबेडकर के निर्वाण दिवस 6 दिसम्बर, 2016 को फाउंडेशन की प्रथम बैठक में चार सदस्यों डॉ. शिव बोधि, मान्य. बी. एल. पारस, डॉ. निरंजन मेहरा एवं मान्या. कांता बोधि द्वारा पारित एवं स्वीकृत किया गया तथा औपचारिक रूप से फाउंडेशन की नींव रखी गयी| उक्त चारों सदस्यों से मिलकर बने पहले ‘बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज’ में प्रथम अध्यक्ष के रूप में डॉ. शिव बोधि, उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. निरंजन मेहरा एवं सचिव के रूप में मान्य. बी. एल. पारस ने इसी दिन से जिम्मेदारी ग्रहण की| वर्तमान में मान्य. जीवनदास डगला अध्यक्ष, डॉ. निरंजन मेहरा उपाध्यक्ष एवं मान्य. मांगी लाल ‘जिज्ञासु’ सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं|
2018 में फाउंडेशन ने अपना पहला पुरुष छात्रावास सूरतगढ़ (गंगानगर) में ‘बोधि रेजीडेंट्स’ के नाम से आरम्भ किया जिसमें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को नि:शुल्क रहवास सुविधा के अंतर्गत प्रवेश दिया जाता है| इसमें निवासरत छात्रों में से अतिजरूरतमंद छात्र को प्रतिमाह 1750 रूपये छात्रवृति अलग से प्रदान की जाती है|
2024 में फाउंडेशन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं हेतु महिला छात्रवृति आरम्भ की जिसमें चयनित प्रति छात्रा को 3500 रूपये प्रतिमाह छात्रवृति प्रदान की जाती है|
हमने शिक्षा के साथ-साथ साहित्य एवं शोध के क्षेत्र में भी अपनी कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाया है| नवम्बर, 2017 में फाउंडेशन ने राजस्थानी भाषा में दलित साहित्य, आदिवासी साहित्य एवं महिला साहित्य को प्रोत्साहन देने हेतु ‘भगवान लाल मेहरा पाण्डुलिपि प्रकाशन योजना’ आरम्भ की| 9 जून, 2019 को राजस्थानी भाषा में दलित साहित्य पर पहले सम्मेलन ‘प्रथम राजस्थानी दलित साहित्य सम्मेलन’ का आयोजन कर ऐतिहासिक पहल की| 27 दिसम्बर, 2020 को साहित्यिक शोधवृतियों पर कार्य योजना हेतु ‘डॉ. डी. आर. जाटव शोध संस्थान’ की स्थापना की गई|
वंचित समुदायों की प्रतिभाओं को छात्रावास, छात्रवृत्ति, पुस्तकालय, वाचनालय एवं करियर मार्गदर्शन आदि से उन्हें प्रोत्साहित व लाभान्वित करने के साथ-साथ दलित साहित्य, आदिवासी साहित्य एवं राजस्थानी साहित्य को प्रोत्साहन देने हेतु फाउंडेशन 2018 से अनवरत प्रयासरत है| हमने शिक्षा एवं साहित्य से सामाजिक परिवर्तन की दिशा को सशक्तता से ग्रहण किया है एवं उसे अनवरत अपनाये हुए हैं|
बोधि फाउंडेशन ‘प्रतिबद्धता, प्रायोजना, प्रबंधन एवं पारदर्शिता’ के चार ‘प’ के सिद्धांत पर आधारित अपनी कार्यप्रणाली से समाज के अंतिम छोर तक उच्च शिक्षा एवं इस रूप में शैक्षणिक समानता के अवसर पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है| यह संकल्प हर उस सजग व्यक्ति का है जो समाज में समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का महान स्वप्न देखता है, जो डॉ. बाबा साहेब के महान सपनों का मजबूत भारत राष्ट्र बनाना चाहते हैं|
Core Purpose and Long-Term Goals
Mission & Vision
Our Mission
At the Bodhi Foundation, our mission is to inspire transformation through mindfulness, compassion, and education.
Our Vision
We envision a world where every individual has access to the tools for self-discovery, inner balance, and conscious living.
Our People CHAIR PERSON VICE PRESIDENT SECRETARY FORMER SECRATERY & MEMBER
Meet Our Board Of Trustees

JEEVAN DAS DAGLA
DR. NIRANJAN MEHRA
MANGILAL
B. L. PARAS
Sneak peek Of Our Achievements
Achievements & Milestones
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