महाराष्ट्र की कोल्हापुर रियासत के दूरदर्शी राजा छत्रपत्ति शाहूजी महाराज (1894-1922) ने समतामूलक समाज के निर्माण के लिए वंचित वर्गों के उत्थान हेतु समान शिक्षा एवं समान अवसरों की उपलब्धता, शिक्षण संस्थानों की स्थापना और राज्य की सेवाओं में आरक्षण जैसे क्रांतिकारी कदम उठाये। इसीलिये वंचित वर्गों की शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने में तथा इन वर्गों की प्रतिभाओं को अवसरों की समानता प्राप्त कराने में अपना आर्थिक अवदान देने वाले समाज बंधुओं को फाउंडेशन द्वारा समाज के वर्तमान शाहूजी के रूप में प्रतिष्ठित किया जाता है।
इसी क्रम में, बोधि फाउंडेशन द्वारा आयोजित किये जाने वाले शाहूजी सम्मान समारोह में बोधि फाउंडेशन की शैक्षणिक मुहीम में आर्थिक सहयोगी के रूप में जुड़े हुए दानदाताओं को शाहूजी सम्मान से सम्मानित किया जाता है| प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में फाउंडेशन के वर्तमान सहयोगियों एवं उनके द्वारा अनुशंसा किये गये समाज के प्रबुद्ध राजकीय कार्मिकों तथा अन्य बुद्धिजीवियों चिंतकों को आमंत्रित किया जाता है | इस हेतु इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति को इस वेबसाइट पर पंजीकरण पृष्ठ पर जाकर शाहूजी सम्मान समारोह हेतु पंजीकरण पड़ता है|